March 10, 2026

उत्तराखंड: बचा डेढ़ से दो दिन का स्टॉक, 25 दिन बाद ही बुक होगा अगला LPG सिलेंडर, कमर्शियल गैस सप्लाई रोकी!

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देहरादून: ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर LPG (रसोई गैस) की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी दिख रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल के अनुसार, शहर में फिलहाल घरेलू रसोई गैस का बैकलॉग (स्टॉक) केवल डेढ़ से दो दिन का बचा हुआ है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई तत्काल कमी नहीं है और सप्लाई लगातार जारी है।

पूर्ति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पी.एस. पांगती ने बताया कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (नीले वाले) की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण सख्त कदम उठाए गए हैं। वर्तमान वैश्विक संकट के बीच अब केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसे आवश्यक क्षेत्र प्रभावित न हों।

यह निर्णय मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध से उपजे वैश्विक एलपीजी आपूर्ति संकट के कारण लिया गया है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर अस्थायी रोक लगाई है, जबकि घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।

पांगती ने स्पष्ट किया कि यह कदम अस्थायी है और जरूरी सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए उठाया गया है। होटल-रेस्तरां संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी जा रही है, जबकि स्थिति सामान्य होने पर सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। राज्य में घरेलू गैस की आपूर्ति पर भी नजर रखी जा रही है, जहां पहले से ही बुकिंग अंतराल 25 दिनों तक बढ़ा दिया गया है।

केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रिफाइनरियों को अधिकतम एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और इसे मुख्य रूप से घरेलू उपयोग के लिए प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही होर्डिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग नियम सख्त किए गए हैं। अब हाल ही में सिलेंडर बुक कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग ब्लॉक कर दी गई है। ऑनलाइन या मोबाइल ऐप से नई बुकिंग का विकल्प बंद कर दिया गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को अगले सिलेंडर के लिए कम से कम 25 दिनों तक इंतजार करना होगा, जबकि पहले यह अवधि कम थी।

यह कदम पैनिक बाइंग और जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है, क्योंकि युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से आयात में देरी हो रही है। केंद्र ने पहले ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल या अन्य औद्योगिक उपयोग के बजाय एलपीजी पूल में गैस डायवर्ट करने का आदेश दिया है।

देहरादून में लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं और संकट की आशंका से पहले से ही सिलेंडर भरवा रहे हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि राष्ट्रीय स्तर पर स्टॉक पर्याप्त है और घरेलू उपभोक्ताओं को कोई समस्या नहीं होगी। यदि सप्लाई में और देरी हुई तो बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, जिससे घरेलू रसोई के अलावा कमर्शियल सिलेंडरों के दाम बढ़ने से रेस्तरां और होटलों में खाने-पीने की थाली महंगी हो सकती है।

वर्तमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल में और अधिक। उत्तराखंड में भी कांग्रेस ने महंगाई और गैस दामों के खिलाफ प्रदर्शन किया है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं, लेकिन सरकार घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देकर संकट से निपटने की कोशिश में जुटी है।

पूर्ति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पी.एस. पांगती ने बताया कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (नीले वाले) की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण सख्त कदम उठाए गए हैं। वर्तमान वैश्विक संकट के बीच अब केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसे आवश्यक क्षेत्र प्रभावित न हों।

यह निर्णय मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध से उपजे वैश्विक एलपीजी आपूर्ति संकट के कारण लिया गया है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर अस्थायी रोक लगाई है, जबकि घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।

पांगती ने स्पष्ट किया कि यह कदम अस्थायी है और जरूरी सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए उठाया गया है। होटल-रेस्तरां संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी जा रही है, जबकि स्थिति सामान्य होने पर सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। राज्य में घरेलू गैस की आपूर्ति पर भी नजर रखी जा रही है, जहां पहले से ही बुकिंग अंतराल 25 दिनों तक बढ़ा दिया गया है।

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