March 15, 2026

पुरोला विधानसभा : 2026 में ही टिकट के लिए घमासान, दायित्वधारी ने मंच से दिखाया गुटबाजी का ट्रेलर

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  • प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’

उत्तराखंड की राजनीति में हमेशा से ही पहाड़ी इलाकों की विधानसभा सीटें दिलचस्प लड़ाइयों का गवाह रही हैं, और अब उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा सीट पर भाजपा के भीतर 2027 के चुनाव से पहले ही तलवारें खिंच गई हैं। वर्तमान विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व वाली इस सीट पर टिकट की दावेदारी को लेकर घमासान मचा हुआ है। पूर्व विधायक और वर्तमान दायित्वधारी राजकुमार ने नौगांव में आयोजित एक कार्यक्रम में खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। यह घटना भाजपा की उस छवि को चुनौती देती है, जो खुद को अनुशासित और एकजुट पार्टी के रूप में पेश करती है।

भाजपा के लिए पुरोला सीट महत्वपूर्ण है, जहां 2022 के चुनाव में पार्टी ने जीत दर्ज की थी। लेकिन अब, 2027 के चुनाव से पहले ही आंतरिक कलह सतह पर आ गई है। नौगांव के कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए राजकुमार ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा, कोई पुरोला में भोंक रहा है, कोई मोरी में भोंक रहा है। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया कि वे लोगों को गुटों में बांट रहे हैं। कोई अमीचंद शाह का आदमी, कोई शमी का और कोई किसी और का। राजकुमार ने जोर देकर कहा कि प्रतिनिधि जनता का होता है, न कि किसी गुट का। इस तरह का भेदभाव अस्वीकार्य है।

यह बयानबाजी सिर्फ आलोचना तक सीमित नहीं रही। राजकुमार ने इशारों में चुनावी समर्थन का जिक्र किया और वर्तमान व्यवस्था से असंतोष जताया। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या राजकुमार कांग्रेस में वापसी की सोच रहे हैं? हालांकि, यह अभी अटकलें ही हैं, लेकिन उनकी नाराजगी दुर्गेश्वर लाल से साफ झलक रही है। बड़ी बात यह है कि भाजपा जैसी पार्टी में, जहां अनुशासन की दुहाई दी जाती है, ऐसी खुली गुटबाजी कम ही देखने को मिलती है।

कार्यक्रम में एक और चौंकाने वाला वाकया हुआ, जब मंच संचालन कर रहे एक युवक ने दायित्वधारी राजकुमार से माइक छीन लिया और वर्तमान विधायक के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उसने विधायक दुर्गेश्वर लाल की आलोचना की और राजकुमार की तारीफों के पुल बांधे। दायित्वधारी के सामने अपनी ही पार्टी के विधायक पर इस तरह का हमला राजनीतिक परिपक्वता की कमी दर्शाता है और पार्टी की एकता पर सवाल खड़े करता है।

2027 के चुनाव में पुरोला सीट पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। भाजपा में दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ लामबंदी हो रही है, जिससे पार्टी के अन्य दावेदारों को मौका मिल सकता है। वहीं, कांग्रेस के टिकट दावेदारों की टेंशन भी बढ़ गई है। अगर राजकुमार कांग्रेस में लौटे, तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। हालांकि, अभी समय है, लेकिन यह घटनाक्रम राजनीतिक करवटों का संकेत दे रहा है।

इस दौरान पूर्व विधायक ने पुरोला अस्पताल के उच्चीकरण का श्रेय लेते भी नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मसले को विधानसभा में कई बार उठाया था। उसीका नजीता है कि आज अस्पताल के लिए पैसा है। साथ ही कहा कि पुरोला-यमुनोत्री को जिला बनाने की मांग को भी लगातार विधानसभा और विधानसभा के बाहर उठाते नजर आए हैं। राजकुमार ने यह भी दावा किया कि 2027 में नौगांव में ऐतिहासिक मेेले का आयोजन कराया जाएगा।

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