बजट सत्र 2026 का आगाज: ऑपरेशन सिंदूर के शौर्य से अर्थव्यवस्था की तरक्की तक, राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें
नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पिछले दस वर्षों में सरकार द्वारा हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं, स्पेस सेक्टर में भारत लगातार प्रगति कर रहा है और जीएसटी सुधारों से अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि 2014 में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सिर्फ 25 करोड़ लोगों तक पहुंचता था, जो अब बढ़कर 95 करोड़ हो गया है। पिछले दस वर्षों में 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए गए हैं। चावल उत्पादन में भारत ने विश्व में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि मछली उत्पादन में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सालभर में 7 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। सरकार ने VB G और RAM G कानून बनाकर दलितों और गरीबों के हितों की रक्षा की है। रेलवे सेक्टर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क तैयार हुआ है, जम्मू-कश्मीर में देश का सबसे ऊंचा ब्रिज बनाया गया और पूर्वोत्तर में आइजोल को रेल से जोड़ा गया।
रक्षा क्षेत्र में मिशन सुदर्शन चक्र पर काम जारी है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर अपनी बहादुरी का परिचय दिया, जिसकी पूरी दुनिया ने तारीफ की। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 4 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी मिली है। शिपिंग सेक्टर को 70,000 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पैकेज दिया गया। देश में 2 लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, जिनसे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। राष्ट्रपति ने वैश्विक बदलते समीकरणों में भारत की मजबूत विदेश नीति और मेक इन इंडिया की वैश्विक गूंज का भी उल्लेख किया।
बजट की प्रमुख तिथियां
- 29 जनवरी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी।
- 1 फरवरी: केंद्रीय बजट 2026-27 सदन में रखा जाएगा।
बजट पर सबकी निगाहें यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था उथल-पुथल का शिकार है, अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया है और रुपया डॉलर के मुकाबले 92 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में बजट से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने, राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का दर्जा बरकरार रखने की उम्मीदें हैं। देश भर में बजट 2026 को लेकर उत्सुकता और उम्मीदें चरम पर हैं। यह बजट भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीति को दर्शाएगा।
आम आदमी और उद्योग जगत की 10 बड़ी उम्मीदें
- इनकम टैक्स में और राहत.
- प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान में सुधार और अपील निपटान की समयसीमा.
- डिफेंस, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े निवेश.
- एक्सपोर्ट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सेमीकंडक्टर सेक्टर को प्रोत्साहन.
- रियल एस्टेट और केमिकल-फर्टिलाइजर सेक्टर के लिए राहत पैकेज.
- जीएसटी चालान मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार.
- सेफ हार्बर नियमों में संशोधन.
