लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, गेटमैन ने ट्रेन आने से ठीक पहले खोल दिया फाटक
देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले में डोईवाला और हर्रावाला के बीच स्थित नकरौंदा रेलवे फाटक पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। मसूरी एक्सप्रेस (दिल्ली से देहरादून आ रही) के गुजरने से ठीक पहले गेटमैन ने फाटक खोल दिया, जिससे वहां खड़े 100 से अधिक वाहनों में अफरा-तफरी मच गई। लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन रोककर संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 8:45 बजे की है। मसूरी एक्सप्रेस दिल्ली से देहरादून की ओर आ रही थी। ट्रेन डोईवाला स्टेशन पर दो मिनट रुकने के बाद देहरादून के लिए रवाना हुई। नकरौंदा फाटक पर पहुंचते समय लोको पायलट को मैन्युअल तरीके से फाटक बंद होने का ग्रीन सिग्नल मिला था। ट्रेन आगे बढ़ रही थी, तभी गेटमैन ने अचानक फाटक खोल दिया। इससे दोनों तरफ खड़े वाहन ट्रैक पार करने लगे।
लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए फाटक से कुछ दूरी पर ही ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उस समय फाटक के दोनों ओर 100 से अधिक वाहन खड़े थे, जिसमें स्कूली बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल थे, क्योंकि घटना स्कूल खुलने के समय की थी। यदि ट्रेन नहीं रोकी जाती, तो कई लोगों की जान जा सकती थी।
गेटमैन को तत्काल निलंबित किया रेलवे ने गेटमैन की लापरवाही पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने कहा, “इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। इससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। घटना की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”
इस फाटक पर ऑटो सिग्नल की व्यवस्था नहीं है, यहां मैन्युअली ही सिग्नल दिए जाते हैं। इंजीनियरिंग संवर्ग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों ने फाटक जल्दी खुलवाने के लिए हंगामा किया था। उनका कहना है कि फाटक काफी देर से बंद रहता है, जिससे रोजाना दिक्कत होती है। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मंडल के इंजीनियरिंग संवर्ग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर पूरी स्थिति की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
