March 16, 2026

यूएस स्टार्टअप आरोग्याटेक ने आईआईटी रुड़की को दान किया उन्नत स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म

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रुड़की : अमेरिका स्थित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी स्टार्टअप आरोग्याटेक ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की को अपना अत्याधुनिक स्वास्थ्य निगरानी प्लेटफॉर्म ‘प्राण’ दान करने की घोषणा की है। इस प्लेटफॉर्म में प्राण सहायता उपकरण के साथ-साथ सहयोगी सॉफ्टवेयर ऐप ‘प्राण कम्पेनियन’ और ‘प्राण गाइड’ शामिल हैं। यह दान डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार तथा छात्रों की भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

यह उदार दान हर्षा एच और हासू पी. शाह फैमिली फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। प्रसिद्ध परोपकारी एवं उद्यमी हासू पी. शाह, जो हर्षा हॉस्पिटैलिटी ग्रुप के संस्थापक हैं, ने इस पहल को बढ़ावा दिया। शाह ने कहा, “मेरा करियर भले ही आतिथ्य उद्योग में रहा हो, लेकिन प्रौद्योगिकी, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के प्रति मेरा जुनून हमेशा से रहा है। आरोग्याटेक की युवा एवं प्रतिभाशाली टीम दुनिया की गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान कर रही है। मुझे उनके मिशन का समर्थन करने पर गर्व है।”

आरोग्याटेक के सह-संस्थापक एवं मुख्य उत्पाद तथा प्रौद्योगिकी अधिकारी अजय विक्रम सिंह, जो आईआईटी रुड़की के 1999 बैच के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र हैं, ने अपने अल्मा मेटर को वापस देने की इस पहल का नेतृत्व किया। सिंह ने कहा, “आईआईटी रुड़की ने मुझे इंजीनियर और नवोन्मेषक के रूप में गढ़ा। यह योगदान अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य नवोन्मेषकों को तैयार करने की दिशा में एक छोटा कदम है।”

‘प्राण’ प्लेटफॉर्म गैर-आक्रामक तरीके से रक्त शर्करा जैसे महत्वपूर्ण पैरामीटर की निगरानी, कैंसर की प्रारंभिक जांच और सामुदायिक स्तर पर जीनोमिक परीक्षण को संभव बनाएगा। यह घरेलू कल्याण और नैदानिक क्षमताओं को सुलभ बनाने का माध्यम बनेगा।

आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. यू.पी. सिंह ने प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया तथा इसे संस्थान के लिए उल्लेखनीय योगदान बताया। निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा कि यह सहयोग स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी एवं डेटा-संचालित चिकित्सा जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को गति देगा।

डीन (रिसोर्सेज एंड एलुमनी अफेयर्स) प्रो. आर.डी. गर्ग और अस्पताल सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. अंशिक कुमार गिरी ने भी इस दान की सराहना की। उन्होंने इसे नैदानिक अनुसंधान, एआई अनुप्रयोगों और प्रौद्योगिकी एकीकरण के लिए मूल्यवान संसाधन बताया।

यह पहल शिक्षाविदों, प्रौद्योगिकी और परोपकार के संयोजन से सुलभ स्वास्थ्य नवाचार को बढ़ावा देने का प्रतीक है। आईआईटी रुड़की समुदाय ने पूर्व छात्रों एवं शुभचिंतकों की इस भागीदारी को एक स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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