February 23, 2026

सरकारी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनेगी SOP, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश

0
sop-for-govet-offices-cm-dhami.jpg

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को तत्काल SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के साथ ही हाल के दिनों में अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए ऐसी वारदातों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना और स्पष्ट कहा कि सरकार कार्मिकों के मान-सम्मान और सुरक्षा के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा, “अधिकारी और कर्मचारी राज्य की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तुरंत मुख्य सचिव को फोन कर निर्देश दिए कि अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक और प्रभावी एसओपी तैयार की जाए। साथ ही उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री ने एसएसपी देहरादून को विशेष निर्देश देते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा।

कर्मचारी संगठनों में राहत की उम्मीद

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के त्वरित संज्ञान और कार्रवाई के निर्देशों की सराहना की है।

यह कदम उत्तराखंड में हाल के दिनों में बढ़ी घटनाओं के बाद आया है, जहां विधायकों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी के कई मामले सामने आए हैं। सरकार अब एसओपी के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का रास्ता अपनाने की तैयारी में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed