February 14, 2026

17 फरवरी से शुरू हो रहे CBSE के एग्जाम, बोर्ड ने जारी किया पेपर लिखने के लिए नया पैटर्न

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नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। जिले में इन परीक्षाओं के लिए 58 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां छात्रों को सख्त निगरानी में प्रवेश दिया जाएगा। इस साल परीक्षा पैटर्न, प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका लिखने के तरीके में किए गए बदलावों के कारण खासकर 10वीं कक्षा के छात्रों में घबराहट और मानसिक दबाव बढ़ गया है।

CBSE ने पहली बार उत्तर पुस्तिका को विषय के विभिन्न सेक्शन में बांटकर लिखने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि विज्ञान विषय में भौतिकी (फिजिक्स) के सवालों के जवाब फिजिक्स सेक्शन में, रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के जवाब केमिस्ट्री सेक्शन में और जीव विज्ञान (बायोलॉजी) के जवाब बायोलॉजी सेक्शन में ही लिखने होंगे। यदि कोई छात्र गलती से फिजिक्स सेक्शन में बायोलॉजी का जवाब लिख देता है, तो संबंधित प्रश्न के अंक कट सकते हैं या पूरी तरह शून्य हो सकते हैं।

इस नए नियम से 10वीं कक्षा के छात्रों में भारी भ्रम और तनाव है। नोएडा स्थित स्कूल काउंसलरों को रोजाना 40-50 कॉल्स आ रहे हैं, जिनमें से 20-30 छात्र एक ही सवाल पूछ रहे हैं- “सेक्शन कैसे बांटें? क्या उत्तर पुस्तिका में सेक्शन का क्रम प्रश्न पत्र जैसा ही रखना होगा?” छात्र कार्तिक ने बताया, “अगर मैं फिजिक्स सेक्शन में बायोलॉजी का जवाब लिख दूं, तो क्या सारे मार्क्स कट जाएंगे?”

इतिहास और भूगोल जैसे विषयों में मैप कार्य को लेकर भी सावधानियां बरतनी होंगी। CBSE ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मैप को उत्तर पुस्तिका के अंतिम खाली पन्नों के बीच में ही बांधना होगा। यदि मैप किसी अन्य स्थान पर बांधा गया, तो उसके अंक नहीं दिए जाएंगे।

शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा से महज चार दिन पहले यह नया नियम छात्रों पर अनावश्यक दबाव डाल रहा है। अभिभावक भी चिंतित हैं और बच्चों को बार-बार समझा रहे हैं कि सेक्शन का ध्यान रखकर ही जवाब लिखें। CBSE की ओर से कहा गया है कि यह बदलाव मूल्यांकन को और पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है, लेकिन छात्रों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

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