January 28, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI जांच सिफारिश पर कांग्रेस नेता धस्माना बोले- यह न्याय की शुरुआत का पहला कदम, कोर्ट की निगरानी जरूरी

0
suryknat-dhasmana.jpg

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में राज्य सरकार द्वारा CBI जांच की सिफारिश किए जाने पर कांग्रेस ने इसे आंदोलन का असर बताया, लेकिन जांच की विश्वसनीयता के लिए सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की निगरानी की मांग को दोहराया।

एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से राज्य भर में चल रहे आंदोलन का ही प्रभाव है कि आज सरकार को केंद्र को CBI जांच की सिफारिश भेजनी पड़ी। उन्होंने इसे अंकिता की आत्मा को न्याय दिलाने की लड़ाई का पहला कदम करार दिया।

धस्माना ने आगे कहा, “केंद्र सरकार द्वारा राज्य की सिफारिश स्वीकार करना और CBI जांच को न्यायिक निगरानी में कराने का आदेश ही असली सफलता होगी। अन्यथा आज देश में CBI पर किसी का भरोसा नहीं है। इसलिए कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज की निगरानी में जांच कराने के आदेश तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में संलिप्त VIP और साक्ष्य मिटाने वालों का पता लगाने के लिए कोर्ट की देखरेख में जांच आवश्यक है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अंकिता के परिजनों की मांग पर मामले की CBI जांच की सिफारिश की है। परिजनों ने हाल ही में CM से मुलाकात कर सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की थी। मामले में पहले SIT जांच के बाद तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, लेकिन हालिया ऑडियो क्लिप्स और VIP एंगल के आरोपों ने फिर विवाद खड़ा कर दिया है। अब केंद्र सरकार इस सिफारिश पर अंतिम फैसला लेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *