March 26, 2026

उत्तराखंड: सिर पर चारधाम यात्रा, यमुनांत्री मार्ग बदहाल, हिमस्खलन से घोड़ापड़ाव, टिनशेड और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त

0
yamunotri-haighway.jpg

उत्तरकाशी : हाल ही में यमुनोत्री धाम क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के दौरान आए हिमस्खलन (एवलांच) ने धाम को काफी नुकसान पहुंचाया है। घोड़ापड़ाव सहित मंदिर के आसपास के टिनशेड क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि यमुनोत्री मंदिर को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भैरो घाटी में पैदल मार्ग पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गया है और जगह-जगह विशाल पेड़ टूटकर मार्ग पर गिर गए हैं, जिससे वहां अव्यवस्था का माहौल है।

यमुनोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल और सहसचिव गौरव उनियाल ने हाल ही में धाम का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बर्फबारी के बाद हिमस्खलन से मंदिर के सामने घोड़ापड़ाव और अन्य टिनशेड पूरी तरह ध्वस्त हो गए। कई फीट मोटी बर्फ जमा होने के कारण पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। भैरो घाटी में एवलांच के कारण कई जगहों पर मार्ग बर्फ से पूरी तरह ढक गया है। नौकैची क्षेत्र के आसपास बड़े-बड़े पेड़ टूटकर पैदल मार्ग पर गिर गए हैं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि बर्फबारी रुकने और मौसम साफ होने के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब मात्र कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, लेकिन यमुनोत्री धाम की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैदल मार्ग पर बर्फ और क्षति के कारण सुरक्षात्मक कार्य करने वाले मजदूर जानकीचट्टी में ही फंसे हुए हैं।

अधिक बर्फ जमा होने से आवश्यक निर्माण सामग्री भी धाम तक नहीं पहुंच पा रही है। ऐसी स्थिति में अगर समय पर कार्य नहीं हुआ तो यात्रा शुरू होने से पहले आनन-फानन में किए गए अधूरे कामों के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोनिवि का बयान लोनिवि (लोक निर्माण विभाग) के अधिशासी अभियंता तरुण कांबोज ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई है कि पैदल मार्ग से बर्फ हटा दी गई है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

चारधाम यात्रा की तैयारियों को देखते हुए यमुनोत्री धाम में पैदल मार्ग, घोड़ापड़ाव और अन्य सुविधाओं की मरम्मत व बर्फ हटाने का काम तेजी से करने की मांग उठ रही है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों को तुरंत सुधारा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *