May 26, 2026

उत्तराखंड : जंगल की भीषण आग से दहशत, इस यूनिवर्सिटी के परिसर तक पहुंचीं लपटें

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पौड़ी। जनपद पौड़ी के देवप्रयाग क्षेत्र में जंगल में लगी भीषण आग ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी। बाह बाजार के निकट जंगल में भड़की आग धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रघुनाथ कीर्ति परिसर तक पहुंच गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। देर रात कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

जानकारी के अनुसार, देवप्रयाग नगरपालिका के वार्ड संख्या चार स्थित बाह बाजार क्षेत्र में आग सौड़ गांव की ओर से फैलते हुए पहुंची। इससे पहले भी नृसिंहाचल पर्वत पर लगी आग को विश्वविद्यालय परिसर के अध्यापकों और वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की मेहनत के बाद बुझाया था। हालांकि दो दिन बाद एक बार फिर आग ने विकराल रूप ले लिया और धीरे-धीरे विश्वविद्यालय परिसर की ओर बढ़ने लगी।

स्थिति गंभीर होते देख परिसर प्रशासन ने तत्काल वन विभाग, दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वन विभाग की टीम ने एक ओर से आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती चली गई।

दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल तक पाइप नहीं पहुंच पाने से आग बुझाने में परेशानी हुई। हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियातन छात्रों और कर्मचारियों से आवास खाली करा दिए। छात्रावास के ऊपर उठती आग की ऊंची लपटों को देखकर छात्रों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई।

कुछ ही देर में आग बाह बाजार के ऊपर स्थित जंगल तक पहुंच गई और तेजी से बस्ती की ओर बढ़ने लगी। आग की लपटें घरों के करीब पहुंचती देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण अपने घरों को बचाने के लिए खुद आग बुझाने में जुट गए। कई घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने आग को बस्ती तक पहुंचने से रोक लिया।

हालांकि सोमवार को भी कई स्थानों पर आग सुलगती रही। बाह बाजार के ऊपर स्थित खेड़ा गांव चारों ओर से आग की चपेट में आ गया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा। जंगल में लगी आग से पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।

जंगल की आग का असर वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। कई जंगली जानवर और पक्षी जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों और विश्वविद्यालय परिसर की ओर पहुंच रहे हैं। पिछले तीन दिनों से परिसर के आसपास गुलदार दिखाई देने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके अलावा कई घायल पक्षी भी सड़कों और बस्तियों में नजर आए।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति Srinivas Varkhedi ने मामले का संज्ञान लिया है। भविष्य में परिसर को जंगल की आग से सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी, जिसमें वन विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

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