July 27, 2026

उत्तराखंड : जंगल में आग बुझाने गया फायर वाचर खाई में गिरा, दर्दनाक मौत

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चमोली। चमोली जनपद के बिरही क्षेत्र में चीड़ के जंगल में लगी आग बुझाने के दौरान एक फायर वाचर की दर्दनाक मौत हो गई। आग बुझाने गए फायर वाचर का शव गुरुवार सुबह करीब 70 मीटर गहरी खाई में मिला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक की पहचान पाखी जलगवाड़ गांव निवासी 42 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी पुत्र नंदन सिंह नेगी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर बेड़ूबगढ़ बिरही में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित चीड़ के जंगल में अचानक भीषण आग भड़क उठी थी। आग तेजी से फैलने लगी तो वन विभाग ने तत्काल फायर वाचरों की टीम को मौके पर भेजा।

बद्रीनाथ के रेंज प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे ने बताया कि आग बुझाने के लिए चमोली रेंज से 15 कर्मियों की टीम भेजी गई थी, जिसमें राजेंद्र सिंह नेगी भी शामिल थे। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शाम तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। अपराह्न करीब सात बजे जब सभी फायर वाचर वापस बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे तो राजेंद्र सिंह वहां नहीं मिले। साथियों ने तुरंत अधिकारियों को उनके लापता होने की सूचना दी। इसके बाद वन विभाग ने मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दी।

स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम और वन कर्मियों ने रात में ही जंगल में खोज अभियान शुरू किया। देर रात करीब साढ़े दस बजे जंगल से राजेंद्र सिंह का मोबाइल फोन बरामद हुआ, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा।

गुरुवार सुबह दोबारा खोज अभियान शुरू किया गया। इस दौरान राजेंद्र सिंह का शव जंगल से करीब 70 मीटर नीचे गहरी खाई में मिला। अधिकारियों के अनुसार शव आग से बुरी तरह झुलसा हुआ था। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि आग बुझाने के दौरान वह चट्टानी हिस्से से फिसलकर खाई में गिर गए होंगे।

घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सरकार से प्रभावित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। वन विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं राजेंद्र सिंह की मौत के बाद जंगलों में आग बुझाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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