छह एटीएम से 5.61 लाख रुपये की अवैध निकासी, म्यूल अकाउंट से रकम निकालने का संदेह
देहरादून। साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद साइबर ठगी से जुड़े मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। देहरादून के डालनवाला कोतवाली क्षेत्र में अलग-अलग बैंकों के छह एटीएम से कुल 5 लाख 61 हजार 256 रुपये से अधिक की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। साइबर सेल की जांच में करनपुर, ईसी रोड, राजपुर रोड, दर्शन लाल चौक, सर्कुलर रोड और फिफ्थ क्रॉस रोड स्थित एटीएम से कई किस्तों में रकम निकाले जाने की जानकारी मिली है। मामले में करनपुर चौकी प्रभारी की तहरीर के आधार पर डालनवाला पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब एटीएम से रकम निकालने वाले संदिग्धों की पहचान में जुटी है।
छह इलाकों में लगे एटीएम से निकाली रकम
साइबर सेल की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने किसी एक एटीएम को निशाना नहीं बनाया। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम से कई बार में रकम निकाली गई। जांच के दौरान भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, साउथ इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से निकासी की जानकारी सामने आई है। इन सभी एटीएम से निकाली गई रकम का कुल आंकड़ा 5,61,256.53 रुपये बताया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन निकासियों के बीच आपस में क्या संबंध है और रकम निकालने वाले एक ही नेटवर्क से जुड़े हैं या अलग-अलग लोग इसमें शामिल हैं।
म्यूल अकाउंट के इस्तेमाल की आशंका
डालनवाला कोतवाली के उपनिरीक्षक विक्की टम्टा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एटीएम से रकम की निकासी म्यूल अकाउंट के जरिए की गई। म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों से प्राप्त रकम को हासिल करने और उसे आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित बैंक खातों को किसने संचालित किया और इन खातों से रकम निकालने के लिए एटीएम तक कौन-कौन लोग पहुंचे।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
साइबर सेल की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित एटीएम और घटनास्थलों की जानकारी जुटाई है। सभी चिन्हित एटीएम के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने के साथ ही निकासी के समय, इस्तेमाल किए गए कार्ड और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। डालनवाला कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि उपनिरीक्षक विक्की टम्टा की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
ऑपरेशन हॉटस्पॉट के बाद भी जारी साइबर अपराध
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में उत्तराखंड एसटीएफ ने साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सात दिवसीय ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ चलाया था। अभियान के दौरान ठगी की रकम निकालने वालों के साथ-साथ साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते, सिम कार्ड, एटीएम, चेक और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अभियान में 15 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 247 संदिग्धों को कानूनी नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद देहरादून में एटीएम के जरिए लाखों रुपये की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आने से साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार निगरानी की जरूरत सामने आई है। पुलिस अब इस मामले में निकासी के पूरे नेटवर्क और रकम के स्रोत की जानकारी जुटाने में लगी है।
