March 11, 2026

तेजस्वी यादव को बड़ा झटका, राघोपुर सीट से पीछे, कांग्रेस बोली- यह SIR की जीत

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पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। सुबह 11 बजे तक के रुझानों के अनुसार, एनडीए 185 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े 122 से कहीं आगे है। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वाम दल) मात्र 46 सीटों पर सिमट गया है, जबकि प्रह्लाद मोदी की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) और अन्य दलों को शेष सीटें मिल रही हैं। वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर जारी है, और शाम तक अंतिम परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।

यह चुनाव बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो रहा है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए ने विकास और सुशासन के एजेंडे पर जनता का भरोसा जीता। विपक्षी महागठबंधन, जिसकी अगुआई तेजस्वी यादव कर रहे थे, अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। कुल 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं। चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुई वोटिंग में रिकॉर्ड 67.13% मतदान दर्ज हुआ—यह 1951 के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।

प्रमुख रुझान और सीटों का बंटवारा

रुझानों के अनुसार, एनडीए की अगुआई जेडीयू कर रही है, जो 62 सीटों पर आगे है। भाजपा 59 सीटों पर मजबूत दिख रही है, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रा) को 15 और जीतन राम मांझी की हम को 4 सीटें मिल रही हैं। एनडीए का कुल आंकड़ा 185+ पहुंच गया है, जो एग्जिट पोल्स (130-167 सीटें) से भी बेहतर है।

महागठबंधन में आरजेडी सबसे मजबूत कड़ी बनी हुई है, जो 34 सीटों पर लीड कर रही है। कांग्रेस को 10 और वाम दलों को 2 सीटें मिल रही हैं। जेएसपी को 1 सीट पर बढ़त है, जबकि स्वतंत्र और अन्य 6 सीटों पर आगे हैं।

प्रमुख नेताओं की स्थिति
  • तेजस्वी यादव (आरजेडी): राघोपुर से 1,273 वोटों से पीछे।
  • तेज प्रताप यादव (जेजेडी): महुआ से पीछे, लोजपा के संजय सिंह आगे।

यह क्षेत्र मुस्लिम-यादव बहुल होने के बावजूद एनडीए के पक्ष में झुक गया, जहां विकास योजनाओं (महिलाओं के लिए 1,000 रुपये मासिक) ने असर दिखाया।

नेताओं के बयान और प्रतिक्रियाएं

एनडीए में जश्न का माहौल है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “एग्जिट पोल के समय भी हमने कहा था कि दिशा सही है, लेकिन मंजिल और बेहतर होगी। अंतिम संख्या अनुमान से मजबूत होगी। यह मोदी-नीतीश के नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्यों की जीत है।” लोजपा सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, “लोगों को बदलाव नहीं, विकास चाहिए।”

जेडीयू नेता संजय झा ने कहा, “एनडीए बड़ी मार्जिन से जीतेगा। पीएम मोदी के प्रचार और नीतीश की दृढ़ता का फल मिला। महागठबंधन पोर्टफोलियो बांटने में व्यस्त था।” हम नेता जीतन राम मांझी ने दावा किया, “एनडीए 160+ सीटें जीतेगा, महागठबंधन 70-80 पर सिमटेगा।”

विपक्ष में निराशा। कांग्रेस नेता उदित राज ने तंज कसा, “यह एनडीए की नहीं, SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की जीत है।” तेजस्वी यादव ने कहा, “हम थंपिंग मेजॉरिटी से सरकार बनाएंगे,” लेकिन रुझान उलट हैं। आरजेडी के मृत्युंजय तिवारी ने गिनती पर सवाल उठाए। वाम दल नेता दीपंकर भट्टाचार्य ने मतदाता सूची पर शक जताया, “7.42 करोड़ से बढ़कर 7.45 करोड़—ये अतिरिक्त 3 लाख कहां से आए?” कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने “गिनती में अनियमितताएं” का आरोप लगाया।

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