July 4, 2026

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा विधायक पर साधा निशाना, बोले-माफी मांगें दिलीप रावत

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देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा के लैंसडाउन विधायक दिलीप रावत द्वारा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को लेकर की गई कथित टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं और उन्हें पेशावर कांड के नायक के रूप में याद किया जाता है।

पत्रकारों से बातचीत में धस्माना ने आरोप लगाया कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी वही कर सकता है, जिसकी सोच उन विचारों से प्रभावित हो, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं दिया और अंग्रेजों का साथ दिया।

धस्माना ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली देश के उन चुनिंदा स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल थे, जिन्होंने आजादी के संघर्ष में लंबा कारावास झेला। उन्होंने बताया कि गढ़वाल क्षेत्र में 25 दिसंबर 1891 को जन्मे वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सीमित संसाधनों के बावजूद स्वाध्याय से शिक्षित हुए और बाद में रॉयल गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए।

उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल 1930 को पेशावर के ऐतिहासिक घटनाक्रम के दौरान, जब सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया, तब हवलदार मेजर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने अपने साथियों को गोली न चलाने का आदेश दिया। कांग्रेस नेता के अनुसार, इस निर्णय ने अंग्रेजी हुकूमत को झकझोर दिया, जिसके बाद उनका कोर्ट मार्शल किया गया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

धस्माना ने दावा किया कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने विभिन्न जेलों में करीब साढ़े 11 वर्ष बिताए। रिहाई के बाद वे महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े और एक बार फिर जेल गए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उनकी मुलाकात महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित कई प्रमुख नेताओं से हुई थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की आजादी के बाद वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड लौट आए और 1 अक्टूबर 1979 को कोटद्वार में उनका निधन हुआ। धस्माना ने मांग की कि भाजपा नेतृत्व अपने विधायक की कथित टिप्पणी पर प्रदेश और देश की जनता से माफी मांगे तथा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करे।

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