July 26, 2026

उत्तराखंड: धाम में बिगड़ रही श्रद्धालुओं की सेहत, अब तक 40 यात्रियों की मौत

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चारधाम यात्रा के दौरान ऊंचाई और बदलते मौसम का असर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। विशेष रूप से बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले बुजुर्ग और पहले से बीमार श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत, रक्तचाप असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 7,050 से अधिक श्रद्धालुओं को बदरीनाथ धाम स्थित सरकारी अस्पताल, एमआरपी सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है।

स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज कर रहे यात्री

चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद एक माह में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, धाम से करीब 15 किलोमीटर पहले पांडुकेश्वर में स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र पर अब तक केवल 54,007 श्रद्धालुओं की ही स्क्रीनिंग हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में यात्री स्वास्थ्य परीक्षण कराए बिना सीधे धाम पहुंच रहे हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ रही है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए विभाग बुजुर्ग, अस्वस्थ और जोखिम वाले यात्रियों की प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य जांच कर रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार स्क्रीनिंग कराए गए श्रद्धालुओं में 2,891 लोग 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं।

क्यूआर कोड से मिल रही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन कर स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह और सावधानियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन स्तर और तेजी से बदलते मौसम को देखते हुए विभाग यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बदरीनाथ धाम और गौचर से बदरीनाथ तक के आस्था पथ पर यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। वहीं गंभीर रूप से बीमार छह श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर के जरिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें।

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