June 22, 2026

नगरासू गुरुद्वारे में 27 घंटे चला ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ शांत, सेवादार रिहा, भ्रामक पोस्ट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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रुद्रप्रयाग/देहरादून : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से चल रहा ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ रविवार शाम को करीब 27 घंटे बाद कुछ शांत हुआ। कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर मोर्चा लगाकर बैठे सात निहंगों में से तीन निहंग (परमवीर सिंह, अकाल सिंह व एक अन्य) प्रशासन के साथ चौथे दौर की वार्ता के बाद नीचे उतर आए हैं।

निहंगों ने अपने कब्जे में लिए गए सेवादार नवतेज सिंह को भी पूरी तरह सुरक्षित रिहा कर दिया है। वर्तमान में पांच निहंग अभी भी गुरुद्वारे के भीतर मौजूद हैं, जिनसे प्रशासन की बातचीत चल रही है। गुरुद्वारे में अब अरदास, लंगर और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से शुरू हो चुकी है।

सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा, इंटरनेट सेवाएं की गईं बंद

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए चमोली और रुद्रप्रयाग प्रशासन बेहद सतर्क है। एहतियात के तौर पर कर्णप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। गुरुद्वारा परिसर और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील अन्य सीमाओं पर उत्तराखंड पुलिस, एटीएस (ATS), आईटीबीपी (ITBP) और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। इससे पूर्व, एसपी नीहारिका तोमर ने फोन पर करीब एक घंटे तक निहंगों को मनाने का प्रयास किया था, लेकिन शुरुआती तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी।

लंगर के दौरान शुरू हुआ था विवाद: आईजी गढ़वाल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे में लंगर के दौरान प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच आपसी मतभेद के कारण विवाद हुआ था। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिलने पर जब पुलिस पहुंची, तो निहंगों को लगा कि कमेटी ने उन्हें पकड़वाने के लिए पुलिस बुलाई है। इसी गलतफहमी के कारण यह स्थिति पैदा हुई। निहंगों का आम जनता या पुलिस से कोई टकराव नहीं है।

दोनों बंधक छोड़े जा चुके हैं और भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नीचे उतरे निहंग अकाल सिंह ने बयान जारी कर कहा, “हम सभी सही-सलामत हैं। हम कर्णप्रयाग जाने के लिए नगरासू आए थे, जहां किसी बात पर मतभेद हो गया और हमने मोर्चा लगा लिया। अब हम नीचे आ गए हैं और अपने घर जा रहे हैं।”

कब्जे या हिंसा की बातें पूरी तरह असत्य

सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अपील की है कि नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे में किसी प्रकार के अवैध कब्जे, हिंसा या बड़े पैमाने पर बंधक बनाए जाने की खबरें पूरी तरह अपुष्ट और असत्य हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

इन पर लगेगा NSA

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के बीच आए इस संवेदनशील मामले पर राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। गृह सचिव शैलेश बगोली ने आधिकारिक बयान जारी कर चेतावनी दी है कि इस व्यक्तिगत और भावनात्मक विवाद को सांप्रदायिक रंग देकर देवभूमि का माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (रांसुका/NSA) की जाएगी।

  • Status Report तलब: सरकार ने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से पूरे प्रकरण की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी आईजी गढ़वाल को सौंपी गई है।

  • 24 घंटे काम करेगी हेल्प-डेस्क: श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए वर्तमान में संचालित ‘चारधाम सेल’ को अब हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ दिया गया है। यह व्यवस्था यात्रा अवधि के दौरान चौबीसों घंटे (24×7) कार्य करेगी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति का त्वरित समाधान किया जा सके।

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