July 19, 2026

RTI खुलासे से बीकेटीसी में नियुक्तियों और भुगतान पर उठे सवाल, दर्जाधारी ने पत्नी को नियुक्त किया अपना चपरासी!

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देहरादून: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं कि समिति में पदस्थ एक दर्जाधारी राज्यमंत्री द्वारा नियमों के विपरीत नियुक्तियों और भत्तों का लाभ लिया जा रहा है।

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सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया है कि बीकेटीसी के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री विजय कप्रवाण ने अपने वैयक्तिक सहायक के रूप में एक पड़ोसी को नियुक्त किया है, जबकि चतुर्थ श्रेणी कार्मिक के रूप में अपनी पत्नी को दर्शाकर प्रतिमाह 12 हजार रुपये का भुगतान लिया जा रहा है। नेगी का दावा है कि यह व्यवस्था सरकारी दिशा-निर्देशों और नैतिक मानकों के विपरीत है।

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उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था के अनुसार दायित्वधारियों को निजी स्तर पर वैयक्तिक सहायक (15 हजार रुपये प्रतिमाह) और चतुर्थ श्रेणी कार्मिक (12 हजार रुपये प्रतिमाह) रखने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसका दुरुपयोग किया गया है। आरोप के अनुसार, बीकेटीसी में पहले से पर्याप्त अस्थायी कार्मिक मौजूद होने के बावजूद इन नियुक्तियों को व्यक्तिगत स्तर पर किया गया।

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इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया है कि उपाध्यक्ष द्वारा आवास एवं कार्यालय भत्ते के रूप में 25 हजार रुपये प्रतिमाह प्राप्त किए जा रहे हैं, जबकि देहरादून स्थित बीकेटीसी मुख्यालय में उन्हें कार्यालय कक्ष उपलब्ध है। आरोपों के अनुसार, उन्होंने अपना आवास एवं कार्यालय रुद्रप्रयाग में दर्शाकर अतिरिक्त भत्ते का लाभ लिया है।

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सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि कार्यालय से जुड़ी फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाएं भी समिति के धन से की गई हैं, जो नियमों के उल्लंघन हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर बीकेटीसी या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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