उत्तराखंड में अगले पांच दिन मौसम का मिजाज रहेगा तल्ख, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज तल्ख रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की चेतावनी जारी की गई है।
30 अगस्त: देहरादून-नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त को देहरादून और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन दोनों जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी संभावना है। इसके अलावा पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
31 अगस्त: चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश
31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में अत्यंत तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी दी गई है। वहीं टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
1 सितंबर: देहरादून-टिहरी में बढ़ेगा बारिश का जोर
1 सितंबर को देहरादून और टिहरी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के शेष जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर की संभावना है।
2 सितंबर: छह जिलों में भारी बारिश
2 सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की चेतावनी दी गई है।
3 सितंबर को भी राहत के आसार कम
3 सितंबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्कता जरूरी है। लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
