August 19, 2026

उत्तराखंड में अगले पांच दिन बारिश का दौर, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

0
1787133664_weather-alert.jpg

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 19 से 23 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।

19 अगस्त को देहरादून-बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश

आज 19 अगस्त को देहरादून और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन दोनों जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की चेतावनी है। वहीं टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चम्पावत, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश का दौर रहने की संभावना है।

20 अगस्त को पांच जिलों में भारी बारिश

20 अगस्त को रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। प्रदेशभर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना बनी रहेगी।

21 अगस्त को इन जिलों में अलर्ट

21 अगस्त को टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दिन भी प्रदेश के सभी जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

22 अगस्त को आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

22 अगस्त को देहरादून, टिहरी, चम्पावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक और तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना जताई गई है।

23 अगस्त को भी बारिश से राहत के आसार कम

23 अगस्त को टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना है।

मौसम विभाग के लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *