कल से बदल जाएंगे कई अहम नियम, LPG, तत्काल टिकट, बैंकिंग और ITR पर पड़ेगा सीधा असर
नई दिल्ली। हर नए महीने की शुरुआत के साथ देश में कई नियमों में बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 से भी एलपीजी सिलेंडर की कीमत, रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग, बैंकिंग सेवाएं, आयकर रिटर्न (ITR) और ग्राहक सत्यापन (CKYC) से जुड़े कई नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इन बदलावों का प्रभाव लाखों उपभोक्ताओं और यात्रियों पर पड़ेगा।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में होगा संशोधन
तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 अगस्त को भी नए दाम जारी किए जाएंगे। यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे होते हैं तो होटल और रेस्तरां में खाने-पीने की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नया टोकन सिस्टम
पश्चिम मध्य रेलवे 1 अगस्त से आरक्षण काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नया टोकन सिस्टम लागू करेगा। इसका उद्देश्य लंबी कतारों और अव्यवस्था को रोकना है। नए नियम के अनुसार एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 8:30 से 9:00 बजे तक तथा नॉन-एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 9:00 से 9:30 बजे तक टोकन वितरित किए जाएंगे। टोकन प्राप्त करने के बाद ही यात्री काउंटर से तत्काल टिकट बुक करा सकेंगे।
क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग नियमों में बदलाव
कुछ बैंक 1 अगस्त से अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े शुल्क, रिवॉर्ड प्वाइंट्स और अन्य सेवाओं के नियमों में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि यह परिवर्तन सभी बैंकों पर लागू नहीं होगा। ऐसे में कार्डधारकों को अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर नए नियमों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
ITR में देरी पर लगेगी पेनल्टी
वित्तीय वर्ष के लिए बिना जुर्माने के आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है। जो करदाता इस अवधि तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं, उन्हें 1 अगस्त से विलंबित (बिलेटेड) रिटर्न भरना होगा और आय के अनुसार निर्धारित लेट फीस व जुर्माना देना पड़ सकता है। आयकर विभाग ने समय रहते रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है।
लागू होगा CKYC 2.0 सिस्टम
1 अगस्त से बैंकों और वित्तीय संस्थानों में ग्राहक पहचान प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए सेंट्रल नो योर कस्टमर (CKYC) 2.0 प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक ग्राहक को 14 अंकों का एक यूनिक CKYC नंबर जारी किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहकों को अलग-अलग बैंक, बीमा कंपनियों या म्यूचुअल फंड संस्थानों में बार-बार केवाईसी दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इन नए नियमों के लागू होने के साथ आम नागरिकों को बैंकिंग, यात्रा और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कार्यों की योजना पहले से बनाकर रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।
